कल तक था मै एक कुंवारा
गलियों फिरता था आवारा
आज मुझ पर रोक लगा दी
क्योंकि आज है मेरी शादी
शशि रंजना सब रोयेंगी
टीना मीना बाट जोहेंगी
रीना सुनीता सभी गंवादी
क्योंकि आज है मेरी शादी
पीलिये का बुखार हो गया
हल्दी संग अब प्यार हो गया
खूबसूरती की परत चढ़ा दी
क्योंकि आज है मेरी शादी
अपना कमरा अपना पलंग
बंद दरवाजा पड़े अधनंग
कैसे छोड़े जिसके थे आदि
क्योंकि आज है मेरी शादी
पुराने पत्र पुराने सब चित्र
कैसे ताड़ेंगे वो हसीन मित्र
अब बंधे खूंटे आज़ादी त्यागी
क्योंकि आज है मेरी शादी
नून तेल लकड़ी का भाव
मिर्च मसाला रोटी पुलाव
मोल भाव के होंगे हम आदि
क्योंकि आज है मेरी शादी
एक डर अब सदा खायेगा
छुपा लो, पता लग जायेगा
दिल की छमिया बुआ बनादी
क्योंकि आज है मेरी शादी
अब हम बच्चों के मामा होंगे
परायी देख ना आँख मलेंगे
जिंदा होंगे मौत के ही आदि
क्योंकि आज है मेरी शादी