शनिवार, 8 दिसंबर 2012

प्यार प्यार है



 प्यार अँधा होता है सब जानते हैं
प्यार गूँगा होता है सब जानते हैं
प्यार बहरा होता है सब जानते हैं
प्यार गहरा होता है सब जानते हैं

प्यार को न चाहिये हाथ और पैर
प्यार नही जानता अपना या गैर
प्यार प्यार चाहता है न कोई बैर
प्रेम करना है स्वर्ग की सुखद सैर

प्यार अनुभूति है व्यापार नही
प्यार स्वतंत्र है कारागार नही
प्यार सर्वस्व है चारदीवार नही
प्यार एक पुष्प है तलवार नही

प्यार को देखो हर रंग में है
प्यार को पाओ हर संग में है
प्यार कण कण हर क्षण  में है
प्यार सत्संग संग रण में है

प्यार मीरा सूर यीशू रहीम है
प्यार पर्वत और महीन है
प्यार जात का  मोहताज नही
प्यार राजा का कोई ताज नही

प्यार कोई सीख नही
प्यार कोई भीख नही
राजीव समझ प्यार को
यदि जितना है संसार को 
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