बुधवार, 19 दिसंबर 2012

आल्लेलुइआ

ये घटना है बहुत सिंपल पर लगती गड़बड़झाला
क्लास में एक शैतानी बच्चा नाम नटखट लाला
टीचर उससे सवाल का जवाब पूछते घबराती
अगर वो पूछता तो उनका जवाब भी नही देपाती

था स्कूल का इंस्पेक्शन और टीचर को थी टेंशन
नटखट को कैसे रोकें वो हर प्रश्न पर देगा रिएक्शन
उसे समझाया कि कल की छुट्टी वो स्कूल न आये
पर वो आया देखा सभी टीचर खड़े पसीने से नहाये

इंस्पेक्टर ने आते ही पूछा संसार में हैं कितने देश
सब शांत बैठे थे नटखट को आ रहा था आवेश
उसने उठाया हाथ टीचर्स नोचने लगे अपने केश
नटखट चिल्लाया सर सिर्फ एक देश बाकि विदेश

इंस्पेक्टर चकराया बोला तूने कहाँ से पाया दिमाग
बोला मैडम की ज़र्रा नवाज़ी वर्ना काबिल न थे बाप
अच्छा एक प्रश्न और
बताओ मुझे क्रिकेट,  एक ओवर में कितनी बाल
टीचर समेत सब बोले सर एक ओवर में छ  बाल
इंस्पेक्टर के बोलने से पहले नटखट बोला गलत
इंस्पेक्टर बोला तुम हो गधे यही तो है सही जवाब
बाल तो होती एक  है फेंकी जाती छ बार जनाब

नटखट बोला सर मै आपसे कुछ पूछना चाहता हूँ
इंस्पेक्टर बोला अवश्य देखें क्या है अपना भविष्य
पूछा उसने सर इजिप्ट के बच्चे क्यूँ रहते कंफ्यूज
इंस्पेक्टर समेत सभी टीचर्स  का उड़ गया फ्यूज
वो बोले नही ऐसा तो उन्होंने कहीं नही सुना पर
तो उनके डैडी मरकर क्यूँ मम्मी बन जाते हैं सर
एक और, सेव को आधा काटें वो दीखता किसके जैसा
सब थे मौन,वो बोला  सिम्पल दुसरे  आधे कटे हिस्से जैसा

कोई कुछ नही बोल रहा था अंदर खून खौल रहा था
पिद्दी सा विद्यार्थी, उनकी नॉलेज तौल रहा था
सोचा चुपचाप जाने में भलाई नही तो करेगा  खिंचाई
अनाउन्स हुई क्रिसमस वेकेशन न्यू इयर तक गयी टेंशन

छुट्टियों के बाद अजब नटखट का स्वभाव हो गया गजब
न छेड़ न शोर लगा नटखट नही है कोई और
नटखट ने जब बताया क्रिसमस की रात थे यीशु साथ
यीशु ने समझाया जीवन वही जो किसी के काम आया
करुना दया प्रेम और क्षमा के विषय में मुझे समझाया
इसलिए यीशु के उपदेशों को न्यू ईयर RESOLUTION  में अपनाया
आल्लेलुइआ आल्लेलुइआ आल्लेलुइआ आल्लेलुइआ

3 टिप्‍पणियां:

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

बहुत बढ़िया!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

मन की भावना को इतिहास से जोड़ दिया।

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

बेहतर लेखन !!